गुरुवार, 2 मई 2019

भारत की बड़ी सफलता मसूद अजहर अंतररा्ष्टीय आंतकी घोषित

भारत की बड़ी सफलता मसूद अजहर अंतरराष्टीय आंतकी घोषित

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। पाकिस्तानी आंतकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को अंततः संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतरराष्ट्रीय आंतकी घोषित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के बुधवार को हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया।  इसे भारत की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भारत की मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित करने की 4 कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने कहा " सभी देशों ने मिलकर यह फैसला लिया है।" चीन ने इस बार मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आंतकी घोषित करने के प्रस्ताव पर विटो नहीं किया जो कि भारत की बडी़ कूटनीतिक जीत है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि बालाकोट में भारतीय वायुसेना के द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने मसूद अजहर को बहावलपुर में नजरबंद कर आंतकवादी था और हाल में ही उसे इस्लामाबाद के करीब किसी जगह पर शिफ्ट किया गया है।
Maulana Masood Azhar declares global terrorism

अब दुनिया भर में जैश की संपत्ति जब्त होगी

मसूद अजहर के वैश्विक आंतकी घोषित होने के बाद दुनिया भर में मौजुद उसकी संपत्ति जब्त की जायेगी। उसकी यात्रा करने और उसको हथियार मुहैया कराने पर प्रतिबंध लग जायेगा। वह पाकिस्तान में खुले आम घुमता है और भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देता रहता है। 

भारत में अनेक हमलों का जिम्मेदार है मसूद अजहर

Maulana Masood Azhar

1994 में मसूद अजहर  पुर्तगाल के पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था। सेना ने उसे फरवरी 1994 में अनंतनाग से गिरफ्तार किया था। 24 दिसंबर 1999 के दिन काठमांडु के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली जा रही इंडियन एयरलाइंस के विमान को अपहरण कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। यात्रियों के रिहाई के बदले अपहरणकर्ताऔं ने अपने 36 चरमपंथि साथियों के रिहाई के साथ साथ 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर की फिरौती की मांग की थी। तब भारत ने अपनी जेलों में बंद मसूद अजहर सहित कुछ आंतकियों को रिहा कर दिया था। उस समय भारत में वाजपेयी जी कि सरकार थी।

रिहाई के बाद मसूद अजहर ने पाकिस्तान में जैश ए मोहम्मद की स्थापना की। इस आंतकवादी संगठन का मकसद भारत में बडी़ आंतकवादी हमलों को अंजाम देना, भारत में अशांति फैलाना और उसका सबसे बडा़ मकसद कश्मीर को भारत से अलग कर पाकिस्तान में मिलाना है। मसूद अजहर ने भारत में कई बडे़ हमले करवाये हैं। संसद मे हुआ हमला, उड़ी हमला, पुलवामा में हुए हमलों मे मसूद अजहर के आंतकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद का हाथ था। इन हमलों में सेना के अनेक जवान शहीद हो गये थे तथा कई जवान घायल हो गये।

चीन ने नरमी के संकेत दिए थे

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद में ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित करने 4 बार प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन हर बार चीन ने तकनिकी रोक लगा रखा था। इस बार चीन ने विटो का इस्तेमाल नहीं किया और मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित करने में भारत की मदद की। कुछ दिनों पहले भारत के विदेश सचिव विजय गोखले चीन की यात्रा पर गये थे। वे वहां के विदेश मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इस मसले पर चर्चा की थी।
बीआरआई समिट से पहले चीन ने भारत क नक्शे में पुरे कश्मीर और अरूणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बतलाया था। तब इससे कहा जा रहा था कि चीन के रूख में परिवर्तन हो सकता है। चीन और भारत के बीच अरूणाचल प्रदेश को लेकर विवाद है। चीन अरूणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा मानता है, जबकि यह प्रदेश भारत की अभिन्न हिस्सा है।

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